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Bihar News: इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह के 4 ठिकानों पर निगरानी का छापा, 5 लाख कैश और जमीन के दस्तावेज मिले

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह के चार ठिकानों पर निगरानी की छापेमारी। पटना और कटिहार से 5 लाख रुपये नकद, आभूषण और दार्जिलिंग में पत्नी के नाम जमीन मिलने की जानकारी।

पटना, 15 अक्टूबर: बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह से जुड़े चार ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया है। कार्रवाई के दौरान पटना और कटिहार स्थित आवासों से कुल करीब 5 लाख रुपये नकद तथा आभूषण मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में उनकी पत्नी के नाम पर खरीदी गई जमीन भी जांच के दायरे में है।


निगरानी ब्यूरो के अनुसार, चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ करीब 1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला 13 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया था। इसी प्राथमिकी के आधार पर 15 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर तलाशी की कार्रवाई की गई।


चार ठिकानों पर एक साथ पहुंची निगरानी टीम


जांच के तहत निगरानी की टीम ने चार स्थानों को तलाशी के लिए शामिल किया। इनमें छपरा स्थित उनका कार्यालय, पटना के सरयुग वामिका अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 103, कटिहार के लोहिया नगर स्थित आवासीय मकान और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा थाना क्षेत्र का एक ठिकाना शामिल है।


इन स्थानों पर संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, जमीन की खरीद-बिक्री के कागजात और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारियों का उद्देश्य उपलब्ध संपत्ति और आय के ज्ञात स्रोतों के बीच अंतर का पता लगाना है।


पटना और कटिहार से 5 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी


तलाशी के दौरान पटना स्थित आवास से लगभग 3 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी दी गई है। वहीं, कटिहार स्थित आवास से करीब 2 लाख रुपये नकद बरामद होने की बात सामने आई है। इस तरह दोनों स्थानों से कुल लगभग 5 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी है।


कटिहार स्थित आवास से करीब 250 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण भी मिले हैं। इन आभूषणों का वास्तविक मूल्य और उनसे संबंधित अन्य विवरण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


नकदी और आभूषणों की बरामदगी के बाद निगरानी टीम संबंधित संपत्ति के स्रोत और उपलब्ध दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। केवल नकदी या आभूषण मिलने से अपने आप भ्रष्टाचार का आरोप साबित नहीं होता। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही निकलेगा।


दार्जिलिंग में पत्नी के नाम पर 92 डिसमिल जमीन


इस कार्रवाई का एक अहम पहलू पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा थाना क्षेत्र में मिली जमीन है। निगरानी ब्यूरो की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, चंद्रशेखर सिंह की पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर वर्ष 2021 में कुल 92 डिसमिल जमीन खरीदी गई थी। इसका क्षेत्रफल लगभग 31 कट्ठा बताया गया है।


बताया गया है कि जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग के नजदीक स्थित है और उसका बाजार मूल्य करोड़ों रुपये होने की जानकारी मिली है। हालांकि, जमीन का वास्तविक बाजार मूल्य, खरीद की कीमत और इसके लिए इस्तेमाल की गई धनराशि का सत्यापन किया जाना बाकी है।


जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि जमीन खरीदने के लिए धन कहां से आया और संबंधित वित्तीय लेनदेन का विवरण उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल खाता है या नहीं।


परिसंपत्ति विवरणी में जमीन का उल्लेख नहीं होने की जांच


निगरानी ब्यूरो के मुताबिक, वर्ष 2025-26 के लिए विभाग को सौंपे गए परिसंपत्ति विवरण में इस जमीन का उल्लेख नहीं होने की बात सामने आई है। अब जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि संपत्ति का विवरण क्यों नहीं दिया गया और क्या इस संबंध में कोई स्पष्टीकरण या अन्य रिकॉर्ड उपलब्ध है।


सरकारी अधिकारियों की संपत्ति से संबंधित विवरण की जांच में संपत्ति की खरीद, उसके वित्तीय स्रोत और घोषित परिसंपत्तियों का मिलान महत्वपूर्ण होता है। इस मामले में भी इन्हीं बिंदुओं पर दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।


1.10 करोड़ रुपये की कथित आय से अधिक संपत्ति का मामला


चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ निगरानी थाना कांड संख्या 121/2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। प्राथमिकी में लगभग 1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।


इस स्तर पर यह आरोप जांच के अधीन है। संपत्ति के वास्तविक स्रोत, मूल्य और विभागीय विवरण में कथित अंतर के बारे में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद ही स्पष्ट होगी।


जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर


चारों ठिकानों पर तलाशी के दौरान जमीन के दस्तावेजों, नकदी, आभूषणों और अन्य संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। एजेंसी के अनुसार, तलाशी पूरी होने के बाद बरामदगी और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।


फिलहाल इस कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही हैं कि दार्जिलिंग की जमीन की खरीद में कितनी राशि खर्च हुई, उसका वित्तीय स्रोत क्या था और संपत्ति विवरण में उसका उल्लेख क्यों नहीं मिला। इन सवालों के जवाब जांच के नतीजों के साथ सामने आने की उम्मीद है।


यह भी पढ़ें: बिहार में सरकारी अधिकारियों की संपत्ति और निगरानी विभाग की कार्रवाई से जुड़ी अन्य खबरें पढ़ने के लिए Alam Ki Khabar पर जाएं।


सरकारी कार्रवाई से जुड़े इस मामले में अभी जांच जारी है। इसलिए बरामदगी और आरोपों से संबंधित जानकारियों को जांच एजेंसी के दावों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।


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